पटना: बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल RJD के भीतर कथित अंदरूनी असंतोष को लेकर एक बार फिर सियासी चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय तक पार्टी के प्रवक्ता और वफादार नेता के रूप में सक्रिय रहे मृत्युंजय तिवारी के पार्टी छोड़ने और नेतृत्व के कुछ करीबी लोगों पर सवाल उठाने के बाद नई बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या मृत्युंजय तिवारी भी उन्हीं परिस्थितियों से परेशान थे, जिन्हें लेकर पूर्व में तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी