नई दिल्ली: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। वर्ष 2026 के अगस्त माह में सावन का पवित्र महीना होने के कारण इस दौरान पड़ने वाले सोम प्रदोष और भौम प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना गया है।