नई दिल्ली: एयर इंडिया ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। एयरलाइन ने ग्रुप के सभी पायलटों की ड्रग और प्रतिबंधित पदार्थों की अनिवार्य स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला किया है। यह कदम एक पायलट के मारिजुआना (गांजा) टेस्ट के कन्फर्मेटरी टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उठाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट के मारिजुआना टेस्ट के पॉजिटिव होने की पुष्टि 11 अगस्त 2026 को हुई थी। इसके बाद एयर इंडिया ने पायलटों की सुरक्षा जांच को और सख्त करने का निर्णय लिया।

कन्फर्मेटरी टेस्ट में मारिजुआना पॉजिटिव

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट से जुड़ी घटना के बाद फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड (PIC) का ड्रग टेस्ट कराया गया था। कन्फर्मेटरी टेस्ट में पायलट के शरीर में मारिजुआना की मौजूदगी की पुष्टि होने की बात सामने आई।

इसके बाद एयरलाइन ने अपने सभी पायलटों की स्क्रीनिंग अनिवार्य करने का फैसला किया है। एयर इंडिया का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य उड़ान सुरक्षा को और मजबूत करना और यात्रियों का भरोसा बनाए रखना है।

DGCA के नियमों से आगे जाएगी एयर इंडिया

एयर इंडिया ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा है कि वह नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मौजूदा नियमों का पूरी तरह पालन करती है। हालांकि, एयरलाइन ने सुरक्षा के लिहाज से नियमों से आगे जाकर अतिरिक्त स्क्रीनिंग शुरू करने का फैसला किया है।

कंपनी के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन पर उनका भरोसा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

13 अगस्त से शुरू हुई अनिवार्य स्क्रीनिंग

एयर इंडिया के अनुसार, 13 अगस्त 2026 से ग्रुप के सभी पायलटों की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।

इस जांच में ऐसे प्रतिबंधित पदार्थों और दवाओं की मौजूदगी की जांच की जाएगी, जिनकी मौजूदा विमानन नियमों के तहत अनुमति नहीं है। स्क्रीनिंग सभी संबंधित पायलटों के लिए अनिवार्य होगी।

ट्रेनिंग और उड़ान के बाद भी होगी जांच

एयर इंडिया ने बताया कि पायलटों की स्क्रीनिंग अलग-अलग स्थानों पर की जाएगी। इसमें शामिल हैं—

  • गुरुग्राम एकेडमी में ट्रेनिंग के दौरान
  • उड़ान के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर
  • एयर इंडिया के संबंधित कार्यालय
  • पायलटों के संबंधित बेस लोकेशन

इस व्यवस्था के जरिए एयरलाइन पायलटों की फिटनेस और पेशेवर सुरक्षा मानकों पर अतिरिक्त निगरानी रखना चाहती है।

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट घटना के बाद बढ़ी सख्ती

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब फुकेट-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट से जुड़ी घटना की जांच चल रही है। घटना के दौरान विमान में अचानक तेज झटके आए थे और विमान की ऊंचाई में बदलाव हुआ था। कई यात्रियों और क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।

मामले की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) कर रहा है। जांच पूरी होने से पहले घटना के सभी कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

एयर इंडिया बोली- यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

एयर इंडिया ने कहा कि उसके पायलटों की प्रोफेशनल क्षमता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने वर्षों से यात्रियों का भरोसा कायम किया है। कंपनी अब अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के जरिए इस भरोसे को और मजबूत करना चाहती है।

एयरलाइन के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और इसके लिए जरूरी सभी कदम उठाए जाएंगे।