चाईबासा/चक्रधरपुर: चक्रधरपुर क्षेत्र में चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पार्क रेन हॉस्पिटल, चक्रधरपुर में पहली बार जटिल ओपन ब्रेन सर्जरी (Decompressive Craniectomy) को सफलतापूर्वक अंजाम देने का दावा किया गया है। गंभीर ब्रेन हेमरेज से जूझ रहे सोनुआ निवासी सोनाराम हेम्ब्रम की करीब पांच घंटे चली सर्जरी के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। मरीज को वेंटिलेटर से भी हटा दिया गया है।

गंभीर हालत में अस्पताल लाए गए थे मरीज

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सोनाराम हेम्ब्रम को गंभीर ब्रेन हेमरेज (Intraparenchymal Haemorrhage with Midline Shift) के बाद बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। मरीज की स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण तत्काल चिकित्सा हस्तक्षेप और सर्जरी की जरूरत थी।

इसके बाद डॉ. दीपक के नेतृत्व वाली न्यूरो टीम ने करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन किया और Decompressive Craniectomy प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। अस्पताल के मुताबिक सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है।

चक्रधरपुर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चक्रधरपुर और आसपास के क्षेत्र में इस स्तर की जटिल ओपन ब्रेन सर्जरी के सफलतापूर्वक किए जाने का यह पहला मामला है। इस उपलब्धि से गंभीर न्यूरो इमरजेंसी के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही समय पर उपचार उपलब्ध कराने की उम्मीद बढ़ी है।

अब तक ऐसे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों या दूसरे चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर न्यूरो सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को समय तथा संसाधन दोनों की बचत हो सकती है।

आर्थिक परेशानी के बावजूद बिना अग्रिम भुगतान शुरू हुआ इलाज

मरीज के परिजनों के सामने ऑपरेशन के लिए तत्काल पर्याप्त राशि जुटाने की चुनौती भी थी। अस्पताल के अनुसार, ऐसी स्थिति में पार्क रेन हॉस्पिटल की टीम ने बिना अग्रिम भुगतान या डिपॉजिट की मांग किए तत्काल इलाज शुरू करने का निर्णय लिया।

डॉ. नेहा श्री के नेतृत्व वाली क्रिटिकल केयर टीम ने पहले मरीज की जान बचाने को प्राथमिकता दी और इसके बाद आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा, “हमारे लिए मरीज की जान से बड़ा कुछ नहीं है। पैसों की व्यवस्था बाद में भी हो सकती थी, लेकिन इलाज में देरी की कोई गुंजाइश नहीं थी।”

मेडिकल टीम की तत्परता से मिली सफलता

इस जटिल ऑपरेशन की सफलता का श्रेय अस्पताल प्रबंधन ने डॉ. नेहा श्री के नेतृत्व वाली क्रिटिकल केयर टीम, डॉ. दीपक के नेतृत्व वाली न्यूरो टीम और पार्क रेन हॉस्पिटल की पूरी मेडिकल टीम को दिया है।

अस्पताल के अनुसार, इस घटना से चक्रधरपुर क्षेत्र में गंभीर न्यूरो इमरजेंसी के इलाज की स्थानीय क्षमता को लेकर नई उम्मीद जगी है। साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए समय पर इलाज शुरू करने की अस्पताल की पहल को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।