नई दिल्ली: दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में डाक पहुंचाने के लिए अब पारंपरिक व्यवस्था के साथ ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इंडिया पोस्ट ने हिमाचल प्रदेश के बाद असम में भी ड्रोन के जरिए डाक के बैग पहुंचाने की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य खराब सड़कों, बाढ़, पहाड़ी इलाकों और लंबी दूरी के कारण होने वाली देरी को कम करना है।

असम में पहली बार ड्रोन से पहुंचाई गई डाक

असम में इस सप्ताह पहली बार ड्रोन के जरिए डाक का बैग पहुंचाया गया। प्रस्तावित नेटवर्क में असम के करीब 40 मार्ग शामिल हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में करीब 110 मार्गों को इस नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

इंडिया पोस्ट ने इस पहल के लिए गुरुग्राम स्थित ड्रोन डिलीवरी और तकनीकी कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है। ड्रोन खाता डाकघरों से शाखा डाकघरों तक डाक के बैग पहुंचाने का काम करेंगे।

दो घंटे का सफर करीब 7 मिनट में

हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहड़धार मार्ग पर इस तकनीक का शुरुआती अनुभव सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मंडी मुख्य डाकघर से रेहड़धार शाखा डाकघर की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से जहां डाक पहुंचाने में दो घंटे से अधिक समय लगता था, वहीं ड्रोन के जरिए इसे करीब 7 मिनट में पहुंचाया जा रहा है।

ड्रोन की मदद से डाक की वास्तविक समय में निगरानी भी की जा सकती है। इससे दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवा को तेज और अधिक भरोसेमंद बनाने की उम्मीद है।

10 किलो तक वजन ले जा सकते हैं ड्रोन

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन करीब 10 किलोग्राम तक वजन ले जाने में सक्षम बताए गए हैं। इनका इस्तेमाल अलग-अलग दूरी वाले मार्गों पर डाक के बैग पहुंचाने के लिए किया जाएगा।

असम में बाढ़ और हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी भूभाग तथा बर्फबारी के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की स्थिति में यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।

150 मार्गों पर होगा विस्तार

इंडिया पोस्ट और स्काई एयर मोबिलिटी की योजना असम और हिमाचल प्रदेश में करीब 150 निर्धारित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा विकसित करने की है। इनमें हिमाचल प्रदेश के करीब 110 और असम के करीब 40 मार्ग शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, बड़े स्तर पर विस्तार के साथ ड्रोन के संचालन की लागत, रखरखाव, बैटरी, बीमा, खराब मौसम और उड़ान सुरक्षा जैसी चुनौतियां भी सामने रहेंगी।