जिम्बाब्वे नाव हादसा: करीबा झील में नाव पलटने से 44 की मौत, चश्मदीद ने बताया खौफनाक मंजर
जिम्बाब्वे: जिम्बाब्वे की करीबा झील में मंगलवार (11 अगस्त) को हुए भीषण नाव हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। पुलिस के मुताबिक, क्षमता से अधिक यात्रियों से भरी नाव तेज लहर की चपेट में आने के बाद पलट गई। हादसे के वक्त नाव में करीब 95 लोग सवार थे। नाव में 90 यात्रियों और पांच क्रू सदस्यों के बैठने की क्षमता बताई गई है। यह नाव करीबा शहर और झील के आसपास स्थित द्वीपों व मछली पकड़ने वाले कैंपों के बीच लोगों को लाने-ले जाने का काम करती थी। करीबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित है और राजधानी हरारे से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर-पूर्व में है। बताया गया कि खराब मौसम के बीच नाव झील में रवाना हुई थी। इसी दौरान तेज लहर की चपेट में आने से नाव पलट गई। हादसे के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। स्थानीय प्रशासन के साथ सेना, गोताखोरों और आसपास की नावों ने भी बचाव अभियान में हिस्सा लिया। हादसे के एक चश्मदीद मैक्सटन कान्हेमा ने AFP को बताया कि नाव खराब मौसम के बावजूद रवाना हुई थी। उनके मुताबिक, संभव है कि तेज लहर की टक्कर से नाव का इंजन बंद हो गया हो। उन्होंने बताया कि पानी में फंसे लोगों की मदद के लिए आसपास मौजूद नावें आगे आईं। मटुसाडो नेशनल पार्क की ओर से बचाव अभियान में हेलिकॉप्टर भी उपलब्ध कराया गया। सेना की बड़ी नावों और गोताखोरों ने भी राहत कार्य में मदद की। चश्मदीद ने हादसे का भयावह मंजर बताते हुए कहा कि लोग मदद के लिए संघर्ष कर रहे थे और पानी में शव तैर रहे थे। खराब मौसम की वजह से राहत टीमों को मौके तक पहुंचने में समय लगा। चश्मदीद के मुताबिक, बचाव अभियान में करीब 60 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। हालांकि, हादसे में 44 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। अधिकारियों की ओर से मृतकों और बचाए गए लोगों की संख्या को लेकर आगे की विस्तृत जानकारी जारी की जानी है। स्थानीय सांसद मुत्सा मुरोम्बेदजी ने सोशल मीडिया पर हादसे से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए नाव में सवार लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और नाव पर सवार यात्रियों की सही संख्या स्पष्ट करने की मांग की। जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति एमर्सन मनांगाग्वा ने हादसे के बाद आपात स्थिति घोषित कर दी है। हादसे की परिस्थितियों और नाव में क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की बात की भी जांच की जा रही है।तेज लहर की चपेट में आकर पलटी नाव
चश्मदीद ने सुनाई हादसे की खौफनाक कहानी
करीब 60 लोगों के बचने की जानकारी
सांसद ने उठाए सवाल















