पीएम मोदी स्वदेशी अपील 27 राज्यों के व्यापारी उद्योगपति सम्मेलन
मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध और स्ट्रेट
ऑफ होर्मुज में बाधित सप्लाई के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई
है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
अपील का असर अब देशभर में दिखाई देने लगा है। दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय
राष्ट्रीय सम्मेलन में 27 राज्यों
के व्यापारी और उद्योगपति स्वदेशी इकोनॉमी ऊर्जा
बचत और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक
युद्ध शुरू होने से पहले भारत का करीब 40 कच्चा तेल 50 एलपीजी
और 90 एलएनजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आता
था लेकिन पिछले करीब 80 दिनों से सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है।
ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल डीजल की बचत सोने
की खरीद में संयम और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की थी। सम्मेलन के दौरान
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गैर जरूरी यात्रा कम करना पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाना
और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना समय की जरूरत है। उन्होंने उद्योगों से Furnace
Oil का कम इस्तेमाल करने और ईंधन बचत तकनीकों को बढ़ावा देने की
अपील की। पीयूष
गोयल ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत
दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत ने
पिछले वर्ष 865 बिलियन
डॉलर का निर्यात किया था और आने वाले समय में इसे बढ़ाकर 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
रखा गया है। Confederation of All India Traders CAIT के मुताबिक सम्मेलन में घरेलू सप्लाई
चेन मजबूत करने लॉजिस्टिक लागत कम करने स्वदेशी
विनिर्माण को बढ़ावा देने रेलवे
और मल्टीमॉडल फ्रेट सिस्टम के इस्तेमाल को बढ़ाने तथा डिजिटल व्यापार प्रणाली को
मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों MSME सेक्टर स्टार्टअप्स और
उद्योग जगत को आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ते हुए देश की अर्थव्यवस्था को अधिक
मजबूत और लचीला बनाना है।















