जम्मू कश्मीर  में नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। ड्रग तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। जम्मू के गडीगढ़ इलाके में ड्रग तस्करी से जुड़े एक आरोपी का आलीशान घर ध्वस्त कर दिया गया  जबकि कश्मीर क्षेत्र में 33 इमारतों पर बुलडोजर चलाया गया। इन इमारतों का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स छिपाने और सप्लाई नेटवर्क चलाने के लिए किया जा रहा था। जम्मू कश्मीर पुलिस ने इस अभियान को ड्रग्स के आतंक के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक बताया है। सरकार का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब ड्रग तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। पुलिस के मुताबिक  अब तक करीब 42 करोड़ रुपये की 97 संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं जबकि लगभग 15 करोड़ रुपये की 41 संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई 11 अप्रैल से 12 मई तक चलाए गए 100 दिवसीय  नशा मुक्त जम्मू कश्मीर अभियान का हिस्सा है। नलिन प्रभात  ने बताया कि पिछले एक महीने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 724 मामले दर्ज किए गए और 806 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में लगभग सात गुना ज्यादा बताया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस ने 667 किलोग्राम मादक पदार्थ और 19 हजार से अधिक साइकोट्रॉपिक यूनिट्स भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में कई बड़े और बार बार अपराध करने वाले तस्कर शामिल हैं  जिनमें गुलजार अहमद उर्फ लाऊ गुज्जर और अवनीत सिंह उर्फ नागी जैसे नाम भी शामिल बताए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।