चतरा पीएम किसान घोटाला जांच
चतरा प्रधानमंत्री
किसान सम्मान निधि योजना में कथित फर्जी किसानों की एंट्री और करोड़ों रुपये के
संभावित घोटाले के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी
है। इस मामले में चतरा सांसद कालीचरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने
आई है। सांसद ने कहा कि मैं संबंधित विभाग से जानकारी प्राप्त
करने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया दे पाऊंगा।गौरतलब है कि हाल ही में प्रकाशित खबरों
में दावा किया गया था कि चतरा जिले के विभिन्न अंचलों में पीएम
किसान योजना पोर्टल पर करीब 11 हजार फर्जी किसानों की प्रविष्टि की गई
थी जिससे
सरकार को लगभग 72 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान की आशंका जताई गई
है।शिकायतकर्ता शकील अहमद ने प्रधानमंत्री
कार्यालय PMO को
पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया
गया है कि चतरा लावालौंग गिद्धौर सिमरिया
और कुंदा अंचल कार्यालयों में बिना आवश्यक दस्तावेजों के हजारों
किसानों की एंट्री पोर्टल पर कर दी गई थी। बाद में मामला सामने आने के बाद इन
प्रविष्टियों को हटाने की बात कही गई।शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि इन फर्जी
लाभुकों के खातों में योजना की तीन किस्तें चली जातीं तो सरकार को करीब
72 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता था।मामला
सामने आने के बाद तत्कालीन उपायुक्त रमेश घोलप ने उप
विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की
थी। हालांकि करीब पांच महीने बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई
और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई हुई है।अब मामला
प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट को
लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।














