महाराष्ट्र के भिवंडी तालुका के शेडगांव में हुए सनसनीखेज मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि 40 वर्षीय परेश पाटिल की हत्या किसी और ने नहीं  बल्कि उनके सगे भाई ने ही सुपारी देकर करवाई थी। पुलिस के अनुसार  12 मई की सुबह परेश टोलाराम पाटिल मोटरसाइकिल से वसई जा रहे थे। इसी दौरान वाशिंद अंबाडी रोड स्थित शेडगांव फाटा के पास अज्ञात हमलावरों ने उनके सिर पर हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद महाराष्ट्र पुलिस  की गणेशपुरी पुलिस और स्थानीय अपराध शाखा ने जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कमलेश बच्छाव और संदीप गीते के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। जांच के दौरान राकेश भगवान पाटिल  प्रेमजीत मधुकर घरत और दक्षत भानुकांत भोईर समेत चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की साजिश कबूल कर ली। पुलिस जांच में पता चला कि मृतक परेश और उनके भाई नरेश के बीच संयुक्त खेती की जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि बड़े भाई परेश ने जमीन और मकान अपने नाम करा लिया था  जिससे नाराज होकर नरेश ने पालघर के बदमाशों को 10 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है।