मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी
हरियाणा सरकार ने
राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में
हुई कैबिनेट बैठक में मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी
गई है। सरकार का दावा है कि यह नई नीति अगले पांच वर्षों में राज्य
की औद्योगिक तस्वीर बदल देगी और हरियाणा को देश विदेश के निवेशकों की पहली पसंद बनाएगी। मुख्यमंत्री नायब
सिंह सैनी ने बताया कि नई नीति के तहत 5 लाख करोड़ रुपये
का नया निवेश आकर्षित करने 10 लाख नई नौकरियां पैदा करने राज्य के निर्यात
को कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह नीति साल 2020 की पुरानी
औद्योगिक नीति की जगह लेगी। नई नीति के तहत महिलाओं अग्निवीरों और अनुसूचित जाति SC के युवाओं को
रोजगार देने वाली कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार ऐसी
कंपनियों को प्रति कर्मचारी सालाना 1 20 लाख तक की सब्सिडी देगी। इसका उद्देश्य निजी क्षेत्र में
समावेशी रोजगार को बढ़ावा देना है। सरकार ने औद्योगिक वर्गीकरण का पुराना A B C और D ब्लॉक मॉडल खत्म
कर नया फ्रेमवर्क लागू किया है। अब क्षेत्रों को कोर इंटरमीडिएट सब प्राइम
और प्राइम या फोकस एरिया में बांटा जाएगा। नई नीति के तहत बड़े उद्योगों को 5 प्रतिसत से 20 प्रतिसत तक कैपिटल सब्सिडी प्राइम
और फोकस
एरिया मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को 30 प्रतिसत तक सब्सिडी 30 प्रतिसत से 70 प्रतिसत तक SGST रीइम्बर्समेंट 7 से 12 वर्षों तक टैक्स
लाभ जैसे कई बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे। सरकार का कहना है
कि नई व्यवस्था का मकसद सिर्फ बड़े शहरों तक उद्योग सीमित रखना नहीं बल्कि राज्य के हर ब्लॉक तक औद्योगिक विकास और रोजगार
पहुंचाना है। नई नीति को हरियाणा की अर्थव्यवस्था और रोजगार क्षेत्र के
लिए बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है।















