गाजियाबाद में पाकिस्तान की जासूसी साजिश का पर्दाफाश
गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़ी एक बड़ी
जासूसी साजिश का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी NIA
ने
खुलासा किया है कि शहर के कई संवेदनशील इलाकों में सोलर पावर्ड कैमरे लगाए गए थे जिनका लाइव
एक्सेस सीधे पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध आतंकियों के पास था। मामले में एनआईए ने पांच नाबालिग आरोपियों के
खिलाफ जांच रिपोर्ट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार इस नेटवर्क का मकसद भारत की
संवेदनशील जगहों की जासूसी करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रेलवे
स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सोलर कैमरे लगाए थे। इन कैमरों से लाइव
फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था।
एनआईए
ने अपनी रिपोर्ट जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में दाखिल की है। मामले में भारतीय न्याय
संहिता BNS ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और Unlawful Activities Prevention Act के तहत केस दर्ज किया गया है। एनआईए
के अनुसार पांचों
नाबालिग आरोपी अन्य सह आरोपियों
के साथ मिलकर संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो जुटाते थे। साथ ही वे GPS लोकेशन
और जियो टैग्ड डेटा पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध
आतंकियों तक पहुंचाते थे। जांच
एजेंसी ने दावा किया है कि इन गतिविधियों का उद्देश्य भारत की संप्रभुता एकता और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना
था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों
ने संदिग्ध पाकिस्तानी लिंक वाले आतंकियों को भारतीय सिम कार्ड हासिल करने और उनका
इस्तेमाल करने में मदद की। एजेंसी का कहना है कि इससे आतंकी भारत में अपनी
गतिविधियों को आसानी से संचालित कर पा रहे थे। यह मामला मार्च 2026 में
स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था। बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई। अब तक
इस मामले में कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एनआईए का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है
और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।














