आरजी कर रेप केस में बड़ा एक्शन संदीप घोष पर कार्रवाई को शुभेंदु सरकार की मंजूरी
पश्चिम बंगाल
के बहुचर्चित आरजी कर
मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
उनकी सरकार ने अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दे
दी है। मुख्यमंत्री
के अनुसार अब प्रवर्तन
निदेशालय को संदीप घोष के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया
और अभियोजन चलाने की अनुमति मिल गई है। सरकार का कहना है कि मामले में दोषियों को
किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल
मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि बहन अभया के साथ हुए जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द
से जल्द सजा मिलनी चाहिए ताकि जनता न्याय होते देख सके। उन्होंने कहा कि उनकी
सरकार पारदर्शी जांच और सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप
लगाया कि मामले की जांच को लंबे समय तक दबाने और रोकने की कोशिश की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और सच को छिपाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने
नवान्न सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित
करने की घोषणा भी की। निलंबित अधिकारियों में पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत
गोयल पूर्व डीसीपी अभिषेक गुप्ता और डीसीपी
इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं। सरकार ने इन अधिकारियों पर जांच में
कथित लापरवाही प्रक्रिया में गड़बड़ी और पीड़िता के
परिवार को कथित रिश्वत देने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने
कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। आरजी कर मेडिकल कॉलेज
में 9 अगस्त 2024 को हुई दुष्कर्म और हत्या की घटना ने
पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और
महिला सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे थे। अब शुभेंदु सरकार के इस फैसले के बाद
मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस को तेज कर दिया है।














