समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार समिति एवं विभागवार राजस्व संग्रहण की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े मामलों  राजस्व वसूली  म्यूटेशन  ई-कोर्ट और भू-राजस्व से संबंधित लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार समिति ने सड़क दुर्घटना  पानी में डूबने  सर्पदंश  वज्रपात तथा अतिवृष्टि से मकान क्षति से संबंधित कुल 11 मामलों की समीक्षा की। सभी मामलों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा अनुग्रह सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी आम लोगों तक पहले से पहुंचाई जाए  ताकि पीड़ित परिवारों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश

राजस्व संग्रहण समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने भू-राजस्व संग्रहण के लिए मासिक लक्ष्य तय कर नियमित मॉनिटरिंग करने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि:

  • 30 दिनों से अधिक लंबित म्यूटेशन मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए।
  • ई-कोर्ट में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित किया जाए।
  • राजस्व संग्रहण की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।

ग्राम प्रधानों के रिक्त पद भरने और भूमि सर्वे में तेजी के निर्देश

बैठक में ग्राम प्रधानों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने  जीएम लैंड सर्वे कार्य में तेजी लाने तथा भूमि विवादों और भूमि संबंधी लंबित मामलों के समाधान के लिए अंचल अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट कहा कि अपूर्ण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने या कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा  अपर समाहर्ता पूनम कच्छप  अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।