नशा मुक्त गिरिडीह की दिशा में बड़ा अभियान जागरूकता रथों को दिखाई गई हरी झंडी
निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग और
अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को
गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड से तीन जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना
किया गया। इस अभियान का शुभारंभ विधायक कल्पना
मुर्मू सोरेन उपायुक्त रामनिवास यादव पुलिस अधीक्षक डॉ.
बिमल कुमार तथा उप विकास आयुक्त स्मृता
कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। 15 जून से 26 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के
तहत जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों पंचायतों
और गांवों का भ्रमण करेंगे तथा लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते
हुए नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश देंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि नशा समाज
और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा
कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि जन-जागरूकता और सामुदायिक
भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। युवाओं को नशे से दूर रखकर शिक्षा खेल कौशल
विकास और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि
झारखंड सरकार के इस जनआंदोलन में सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। समाज की
सहभागिता के बिना नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं हो सकेगा। इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि नशा केवल
एक व्यक्ति को नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार समाज
और भविष्य को प्रभावित करता है। नशे की लत युवाओं की ऊर्जा प्रतिभा
और संभावनाओं को नष्ट कर देती है। इसलिए नशे के खिलाफ जन-जागरूकता और जनभागीदारी
बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रचार वाहन
निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशीले
पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक मानसिक सामाजिक और आर्थिक दुष्परिणामों की
जानकारी देंगे। अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक शपथ
ग्रहण कार्यक्रम विद्यालयों और महाविद्यालयों में क्विज निबंध एवं चित्रांकन प्रतियोगिताएं तथा
बाजार और हाटों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने आमजनों से नशा मुक्त
समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही किसी भी प्रकार की नशा
संबंधी समस्या या परामर्श के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री ड्रग डी-एडिक्शन हेल्पलाइन 14446 का उपयोग करने का आग्रह किया गया है।















