गिरिडीह  के  गांडेय विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा  आधारभूत संरचना  कौशल विकास और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में सोमवार को कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की शुरुआत की गई। गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास करते हुए विद्यार्थियों  किसानों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों से संवाद किया। इस दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव  पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार  उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत ताराटांड़ उच्च विद्यालय के निरीक्षण से हुई। विधायक ने विद्यालय की शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया तथा छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उन्हें शिक्षा  अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

इस अवसर पर झारखंड राज्य खो-खो संघ द्वारा आयोजित 19वीं जूनियर स्टेट लेवल गर्ल्स खो-खो चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं और खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इसके बाद विधायक ने पथ निर्माण विभाग की लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत वाली बड़कीटांड़–गिरनिया मोड़ सड़क परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। यह सड़क परियोजना क्षेत्र में बेहतर संपर्क  सुगम आवागमन और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के बीच परिवहन सुविधा को मजबूत करेगी।

वहीं गांडेय दस्तकार यूनिट (जूट हथकरघा एवं वस्त्र उत्पाद निर्माण इकाई) का भी शिलान्यास किया गया। जिला परिषद निरीक्षण भवन परिसर में स्थापित होने वाली यह इकाई स्थानीय कारीगरों  महिलाओं और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। इससे पारंपरिक हस्तशिल्प और वस्त्र निर्माण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

महेशमुंडा स्कूल के समीप आयोजित कार्यक्रम में बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ संवाद किया गया। विधायक ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा बेंगाबाद प्रखंड के कर्णपुरा पंचायत निवासी किसान खुर्शीद हादी के कृषि फार्म का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान आधुनिक खेती  कृषि नवाचार और आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। किसानों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों  स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों  लाभुकों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी रही। क्षेत्र में शिक्षा  सड़क  कौशल विकास और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।