बिहार में शुक्रवार को मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया. राज्य के कई जिलों में तेज आंधी  भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. अलग-अलग जिलों में ठनका गिरने से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है  जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने पहले ही बिहार के कई जिलों में तेज बारिश  आंधी और ठनका को लेकर अलर्ट जारी किया था. बिहार के पटना  खगड़िया  रोहतास  औरंगाबाद  कैमूर और सारण समेत करीब 20 जिलों में सुबह से ही मौसम खराब बना रहा. कई इलाकों में दिन के समय अंधेरा छा गया और लोगों को वाहन चलाते समय लाइट जलानी पड़ी.

औरंगाबाद में शिक्षक और किसान की मौत

औरंगाबाद जिले में ठनका गिरने से दो लोगों की मौत हो गई.

·         रफीगंज के भेखनपुरा प्राइमरी स्कूल में तैनात 43 वर्षीय शिक्षक सुनील कुमार सिंह स्कूल परिसर में ही बिजली की चपेट में आ गए.

·         वहीं दाउदनगर थाना क्षेत्र के केशराड़ी गांव में 55 वर्षीय किसान केदार यादव की भी ठनका गिरने से मौत हो गई.

गया में पेड़ के नीचे खड़े मां-बेटी पर गिरी बिजली

गया जिले के बरवाडीह गांव में दिनेश यादव की बिजली गिरने से मौत हो गई. वहीं गुलरबेद गांव में 17 वर्षीय मनीषा कुमारी की मौत हो गई  जबकि उसकी मां गौरी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं. दोनों बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ी थीं.

पटना में दो बच्चियों की दर्दनाक मौत

पटना के परसा बाजार थाना क्षेत्र स्थित सकरैचा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 12 वर्षीय सिमरन कुमारी और 10 वर्षीय स्वीटी कुमारी की मौत हो गई. दोनों बच्चियां खेत में बकरी चरा रही थीं.

खगड़िया और छपरा में भी गई जान

खगड़िया के थारूवाटोला गांव में गिरीश यादव की ठनका गिरने से मौत हो गई.

वहीं छपरा  के रिविलगंज थाना क्षेत्र में खेत में काम कर रहे 60 वर्षीय जगलाल चौधरी की मौत हो गई जबकि आरती देवी गंभीर रूप से झुलस गईं.

प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. लोगों को बारिश और गर्जन के दौरान खुले मैदान  खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.