नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को बिजली मंत्री आशीष सूद ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), सोलर पॉलिसी और चांदनी चौक में बिजली के तारों को भूमिगत करने जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर जोर

बैठक में बिजली मंत्री ने कहा कि दिल्ली में हर साल बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक पावर इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में ट्रिपिंग जैसी समस्याओं के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। इससे निपटने के लिए बड़े पैमाने पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) विकसित किया जाएगा।

एक लाख उपभोक्ताओं को 4 घंटे तक बिजली

मंत्री ने बताया कि फिलहाल किलोकरी में 20 मेगावॉट क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से किसी आपात स्थिति में करीब एक लाख उपभोक्ताओं को चार घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति की जा सकती है।

सरकार अब इस तरह की परियोजनाओं का विस्तार कर राजधानी में बिजली आपूर्ति को और अधिक विश्वसनीय बनाने की योजना पर काम कर रही है।

बिजली कंपनियों में पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी

आशीष सूद ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) में पारदर्शिता और उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए परफॉर्मेंस इंडिकेटर और ऑडिट सिस्टम को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

सोलर पॉलिसी और अंडरग्राउंड केबलिंग की समीक्षा

बैठक में दिल्ली की सोलर पॉलिसी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही चांदनी चौक क्षेत्र में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने के कार्य की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी।