आज के समय में इलाज आम आदमी की पहुंच से लगातार दूर होता जा रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्राइवेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मेडिकल बिलिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक प्राइवेट अस्पताल मरीजों को लगाए जाने वाले इंजेक्शन की कीमत वास्तविक रेट से कई गुना ज्यादा वसूल रहा था। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स अस्पतालों पर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप लगा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वायरल वीडियो में अस्पताल के अंदर काफी भीड़ दिखाई देती है। इसी दौरान एक व्यक्ति अस्पताल कर्मचारियों से तीखी बहस करता नजर आता है। उसका आरोप है कि जिस इंजेक्शन के बाहरी बॉक्स पर 5100 रुपये की कीमत लिखी गई है उसी इंजेक्शन के असली पैक पर लगभग 1318 रुपये की कीमत दर्ज है। वीडियो में व्यक्ति यह दावा करता सुनाई देता है कि अस्पताल ने इंजेक्शन के असली पैक को बदलकर दूसरा महंगा बॉक्स चढ़ा दिया ताकि मरीजों से ज्यादा पैसे वसूले जा सकें। वीडियो में अस्पताल की एक महिला कर्मचारी भी दिखाई देती है जो आरोप लगाने वाले व्यक्ति से बहस करती नजर आती है। जब इंजेक्शन की कीमत को लेकर सवाल पूछा जाता है तो महिला इसे अस्पताल की पॉलिसी बताती है। महिला यह भी कहती सुनाई देती है कि अगर मरीज इंजेक्शन नहीं लगवाना चाहता तो वह मना कर सकता है। इसके बाद बहस और तेज हो जाती है और वीडियो रिकॉर्ड कर रहा व्यक्ति अस्पताल पर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाने का आरोप लगाता है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने नाराजगी जाहिर की। कई यूजर्स ने लिखा कि इलाज अब सेवा नहीं बल्कि बड़ा बिजनेस बनता जा रहा है। वहीं कई लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।एक यूजर ने लिखा बीमार इंसान पहले ही परेशान होता है, ऊपर से अगर अस्पताल ऐसे पैसे वसूलें तो यह बेहद शर्मनाक है। दूसरे यूजर ने कहा अगर वीडियो में लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर मामला है। हालांकि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है लेकिन इस घटना ने अस्पतालों में दवाइयों और इंजेक्शन की कीमतों को लेकर पारदर्शिता की बहस को जरूर तेज कर दिया है।