हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद कथित अवैध वसूली के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त हेमंत सती से मुलाकात कर पूरे मामले को गंभीरता से उठाया।प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से अशोक देव सुरजीत नागवाल मनोज नारायण भगत कृष्ण किशोर प्रसाद धीरज सिंह और अजय प्रजापति शामिल थे।कांग्रेस नेताओं ने उपायुक्त को बताया कि पदमा निवासी ज्योति कुमारी को प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि प्रसव के बाद ओटी असिस्टेंट विभा सिंह ने नवजात बच्ची के पिता से पैसे की मांग की।परिजनों के अनुसार पहले ₹500 देने की कोशिश की गई लेकिन कथित तौर पर ₹700 देने के लिए दबाव बनाया गया।कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस घटना की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और उपायुक्त को सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को फोन कर आरोपी कर्मी विभा सिंह को तत्काल हटाने का निर्देश दिया।प्रदेश महासचिव सुरजीत नागवाल ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कुछ कर्मी जानबूझकर सरकार और स्वास्थ्य मंत्री की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी।बैठक के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी मनोज नारायण भगत ने उपायुक्त को जिले में अवैध लॉटरी कारोबार बंद कराने के लिए धन्यवाद दिया। वहीं कृष्ण किशोर प्रसाद ने शहर में नो एंट्री समय को लेकर अपनी बात रखी।उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे तक शहर से बाहर जाने वाली गाड़ियों को अनुमति रहेगी।