राहुल गांधी का प्रयागराज छात्र संवाद विवादों में, बोले- आ रहा हूं, छात्रों की आवाज नहीं दबेगी
प्रयागराज: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 8 अगस्त को प्रयागराज में प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर विवाद बढ़ गया है। केपी ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने के बाद राहुल गांधी ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, उन्हें छात्रों के मुद्दे उठाने से नहीं रोका जा सकता। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर प्रयागराज आने की बात कहते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने पेपर लीक, लंबित भर्तियों, वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों और जवाबदेही की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि प्रयागराज का हर छात्र जानता है कि व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं। उनके मुताबिक छात्रों की मेहनत में कमी नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था में कमी है जो उनकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं देती। उन्होंने कोटा और देहरादून में छात्रों द्वारा उठाई गई आवाज का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार उन्हें छात्रों के मुद्दे उठाने से नहीं रोक सकती। उन्होंने प्रशासन पर प्रस्तावित कार्यक्रम को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी का कहना है कि छात्रों से जुड़े सवालों को दबाने के बजाय सरकार को पेपर लीक, भर्ती प्रक्रिया और रोजगार जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम 8 अगस्त को केपी ग्राउंड में प्रस्तावित था। कांग्रेस के मुताबिक, 5 अगस्त को कायस्थ पाठशाला (केपी) ट्रस्ट ने शहर कांग्रेस कमेटी को पत्र भेजकर मैदान उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। इसके बाद कार्यक्रम की अनुमति को लेकर विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस का दावा है कि पहले कार्यक्रम के लिए अनुमति दी गई थी और बाद में इसे रद्द किया गया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने दावा किया कि उनके पास कार्यक्रम की अनुमति और शुल्क जमा करने की रसीद मौजूद है। उन्होंने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं और राहुल गांधी का छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम केपी ग्राउंड में ही आयोजित किया जाएगा। अजय राय के मुताबिक, राहुल गांधी के कार्यक्रम का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम भी तैयार है और जिला प्रशासन से सहयोग की बात हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अनुमति देने के बाद दबाव में आकर फैसला बदला गया। अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम है। इसमें रोजगार, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में किसी रोड शो की योजना नहीं है। कांग्रेस के मुताबिक देशभर में पंजीकरण अभियान चलाया गया है और मिस्ड कॉल तथा क्यूआर कोड के जरिए युवाओं ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम के लिए केपी ग्राउंड में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से पंडाल तैयार किया जा रहा था। पार्टी ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के प्रवेश के दौरान आतिशबाजी की योजना थी और करीब 10 लाख रुपये का खर्च प्रस्तावित था। कार्यक्रम के लिए दिल्ली की एक कंपनी को कैटरिंग की जिम्मेदारी दिए जाने और छात्रों से संवाद के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8 अगस्त को राहुल गांधी का छात्र संवाद कार्यक्रम कहां और किस रूप में आयोजित होगा। अनुमति को लेकर कांग्रेस और प्रशासन के बीच जारी विवाद के बीच छात्रों और राजनीतिक दलों की नजरें अगले कदम पर टिकी हैं।'छात्रों की मेहनत में नहीं, सिस्टम की नीयत में कमी'
'सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही'
केपी ट्रस्ट ने मैदान देने से जताई असमर्थता
अजय राय बोले- केपी ग्राउंड में ही होगा कार्यक्रम
'छात्रों से संवाद होगा, रोड शो नहीं'
दो करोड़ के पंडाल का कांग्रेस का दावा















