जामताड़ा  उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने मंगलवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 40 से अधिक फरियादियों की समस्याएं सुनीं। जनता दरबार में चापाकल  सड़क  बिजली  भूमि विवाद  भू-अर्जन मुआवजा  आवास  राशन कार्ड  जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र  पुलिस संबंधी मामलों सहित कई शिकायतें सामने आईं।

उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शिकायतों के निष्पादन का निर्देश दिया। कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया।

दक्षिणबहाल के एक ग्रामीण ने टूटे पुल से लोगों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जनता दरबार में एक बुजुर्ग महिला ने अपने अनुकंपा नियुक्त पुत्र द्वारा भरण-पोषण नहीं किए जाने की शिकायत की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।

एक विधवा महिला ने आवास की मांग की  जिस पर उपायुक्त ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उनके बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं राशन कार्ड में बच्चे का नाम दूसरे राज्य में दर्ज होने की शिकायत पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को जांच कर समाधान करने का निर्देश दिया गया।

जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करने तथा लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

भू-अर्जन मुआवजा भुगतान में तेजी लाने  पेयजल  सड़क  बिजली  जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि आम लोगों को कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े और प्रशासन की संवेदनशीलता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 1 बजे तक उपायुक्त कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया जाता है।