हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज बदहाली
हजारीबाग का पूर्व
सदर अस्पताल जिसे
अब शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल SMBCH के नाम से जाना जाता है करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद
बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। आधुनिक चिकित्सा
सुविधाओं के बड़े बड़े दावों के बीच अस्पताल की जमीनी
हकीकत मरीजों की परेशानी और प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर पेश कर रही है।समाजसेवी
संजर मल्लिक ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल
में चिकित्सकों की भारी कमी है जिसके कारण मरीजों को घंटों इलाज के लिए
भटकना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर स्थिति ट्रॉमा सेंटर की है, जहां डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने की
शिकायतें लगातार मिल रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर मामलों में आने वाले
मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।संजर
मल्लिक ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल में मरीजों को
बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। दूर दराज के गांवों से आने वाले गरीब मरीजों को सबसे ज्यादा
परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में
सुधार नहीं हुआ तो सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।अस्पताल की
व्यवस्था को लेकर अब आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ने लगी है। सवाल उठ रहे हैं कि
स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बावजूद मरीजों को राहत क्यों
नहीं मिल रही। प्रशासन की चुप्पी भी कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।















