जामताड़ा जिले में नेशनल रूरल हेल्थ मिशन एनआरएचएम की एक कर्मी की असामयिक मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और लंबित वेतन भुगतान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की पहचान रेखा कुमारी के रूप में हुई है। सहकर्मियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला था और वे आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं।

जानकारी के अनुसार नियमित वेतन भुगतान नहीं होने के कारण रेखा कुमारी को पारिवारिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उनके सहयोगियों का दावा है कि लंबे समय से वेतन लंबित रहने के कारण कई कर्मचारी मानसिक तनाव और वित्तीय संकट की स्थिति में हैं।

रेखा कुमारी के निधन के बाद स्वास्थ्य कर्मियों में शोक के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि समय पर वेतन भुगतान नहीं होने से उनकी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं और इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

हालांकि  रेखा कुमारी की मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है। यह दावा कि उनकी मृत्यु का कारण केवल वेतन न मिलना था  अभी तक किसी आधिकारिक जांच या चिकित्सकीय रिपोर्ट से पुष्ट नहीं हुआ है। ऐसे में इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और विभागीय रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

इस घटना के बाद कर्मचारियों ने लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो  इसके लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से जुड़े संविदा कर्मियों की समस्याओं के स्थायी समाधान की भी आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

फिलहाल मामले को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा जारी है और कर्मचारी वेतन भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं समयबद्धता की मांग कर रहे हैं।