लेह-लद्दाख में प्रवासी मजदूर की मौत
झारखंड
के दुमका जिले से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है। ग्राम खिजुरिया
थाना नगर
जिला दुमका
निवासी श्रीमती जुलेखा बीबी ने इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन दुमका के मुख्यालय पहुंचकर अपने पति अज़ीज़ अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और शव को घर नहीं लाए
जाने की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता
के अनुसार उनके पति अज़ीज़ अंसारी को अधिक मजदूरी और बेहतर कमाई का
प्रलोभन देकर मेट मुस्ताक अंसारी
(पिता- आजाद मियां ग्राम हथियापाथर
थाना
टोंगरा जिला
दुमका) द्वारा 13
मई 2026 को काम कराने के लिए
लेह-लद्दाख ले जाया गया था। परिवार
को 26
मई 2026 को अचानक अज़ीज़ अंसारी की मौत की सूचना मिली। यह खबर मिलते ही
पूरे परिवार में मातम छा गया। मृतक के छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी पर दुखों का
पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मेट मुस्ताक अंसारी से शव को
गांव लाने की व्यवस्था करने की गुहार लगाई
तो
उन्होंने किसी भी प्रकार की मदद करने से इनकार कर दिया। मामले
की जानकारी मिलने के बाद इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर यूनियन दुमका ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा
दिया। यूनियन के पदाधिकारियों ने महिला को कानूनी कार्रवाई के लिए नगर थाना
दुमका
में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। यूनियन
ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए मृतक
के शव को जल्द से जल्द परिजनों तक पहुंचाया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा
उपलब्ध कराया जाए। संगठन
ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला उपायुक्त
और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे। यूनियन ने कहा कि
प्रवासी मजदूरों के साथ किसी भी प्रकार का शोषण लापरवाही या अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस
घटना ने एक बार फिर दूसरे राज्यों में काम करने जाने वाले प्रवासी मजदूरों की
सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।















