हजारीबाग में सरकारी खरीद व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। इंटक के प्रदेश सचिव धीरज कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए GeM पोर्टल Government e-Marketplace की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।धीरज कुमार सिंह ने दावा किया कि हजारीबाग स्वास्थ्य विभाग में DMFT फंड के माध्यम से नजारत को करीब 16 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस राशि से मेडिकल कॉलेज सदर अस्पताल और जिले के विभिन्न CSC एवं PHC के लिए उपकरणों और सामग्री की खरीद की गई।उन्होंने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई। उनके अनुसार यदि विभाग को 1000 पीस सामान खरीदना होता है तो केवल 500 पीस की सप्लाई दिखाकर बाकी राशि नकद निकाल ली जाती है।इंटक नेता ने आरोप लगाया कि जिले में एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय है जिसमें कुछ भाजपा नेताओं और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक और सिविल सर्जन पर भी कथित रूप से राजनीतिक दबाव बनाया जाता है ताकि कुछ खास सप्लायरों को काम दिया जा सके।धीरज कुमार सिंह ने कहा कि सूचना के अधिकार RTI के तहत कई बार जानकारी मांगी गई लेकिन कभी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच हुई तो यह मामला ट्रेजरी घोटाले से भी बड़ा साबित हो सकता है।इन आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इस मामले में अब तक प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।