महंगा हो सकता है पेट्रोल डीजल RBI गवर्नर ने दिया बड़ा संकेत
मिडिल
ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच भारत में पेट्रोल
और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका गहरा गई है। भारतीय रिजर्व बैंक के
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय
बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं तो
सरकार को इसका कुछ बोझ आम जनता पर डालना पड़ सकता है। स्विट्जरलैंड में आयोजित एक
अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान आरबीआई गवर्नर ने कहा कि फिलहाल सरकार और
सरकारी तेल कंपनियां कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही हैं लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना संभव नहीं
होगा। पश्चिम
एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है और कच्चे
तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा
आयात करता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल
महंगा होने का सीधा असर देश के पेट्रोल डीजल बाजार पर पड़ता
है। गवर्नर
ने यह भी कहा कि सिर्फ ब्याज दरों के जरिए महंगाई को नियंत्रित करना पर्याप्त नहीं
होगा। ऐसी स्थिति में सरकार और आरबीआई को मिलकर रणनीति बनानी होगी। अप्रैल 2026 में भारत की खुदरा महंगाई दर 4 प्रतिसत दर्ज की गई जो
मार्च के मुकाबले थोड़ी अधिक रही। हालांकि सरकार ने अब तक तेल की कीमतों का पूरा
असर आम लोगों तक नहीं पहुंचने दिया है लेकिन
अगर वैश्विक हालात बिगड़ते हैं तो आने वाले महीनों में महंगाई और बढ़ सकती है। प्रधानमंत्री की ओर
से हाल ही में तेल और गैस की खपत कम करने की अपील भी की गई थी। वहीं सरकार ने
विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सोने पर आयात शुल्क भी बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना
है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं या और बढ़ती हैं तो पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में
बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। इसका असर ट्रांसपोर्ट खाद्य
वस्तुओं और रोजमर्रा के खर्च पर भी देखने को मिल सकता है।















