उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए भीषण आंधी तूफान  धूल भरी हवाओं और भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी। प्रदेश के कई जिलों में पेड़  दीवारें और टिन शेड गिरने से अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है  जबकि 53 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 114 पशुओं की मौत और 80 से ज्यादा मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। सबसे ज्यादा असर प्रयागराज  भदोही  मिर्जापुर  फतेहपुर  उन्नाव  बरेली  कानपुर देहात  चंदौली और सोनभद्र जिलों में देखने को मिला। कई जगह बिजली के खंभे गिरने से सप्लाई बाधित रही और सड़कों पर यातायात ठप हो गया। प्रयागराज में 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में महिलाएं  बच्चे और पुरुष शामिल हैं। जिले के कई इलाकों में पेड़ और दीवार गिरने से हादसे हुए। वहीं 20 पशुधन हानि और 16 मकानों के नुकसान की भी पुष्टि की गई है। मिर्जापुर में चक्रवाती तूफान और आकाशीय बिजली ने 14 लोगों की जान ले ली। अलग अलग थाना क्षेत्रों में पेड़ गिरने  दीवार ढहने और बिजली गिरने से कई लोग घायल भी हुए हैं। भदोही में 16 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है जबकि फतेहपुर में 9 लोगों ने जान गंवाई। बरेली में तेज तूफान के दौरान पेड़ और टिन शेड गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। कई गांवों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। तेज आंधी के कारण दिल्ली हावड़ा रेल रूट पर कई घंटों तक ट्रेनों का संचालन बाधित रहा। फतेहपुर में ओएचई लाइन टूटने से करीब 22 ट्रेनें प्रभावित हुईं। प्रयागराज जौनपुर रेलखंड पर भी पेड़ गिरने के कारण रेल यातायात रोकना पड़ा।  योगी आदित्यनाथ  ने घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर राहत और मुआवजा पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। राज्य सरकार नुकसान का पूरा आंकड़ा जुटाने में लगी है और जल्द ही मुआवजे की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।