शहबाज शरीफ के ईरान दौरे पर अमेरिका में उठे सवाल, रिपब्लिकन सीनेटर ने पाकिस्तान की भूमिका पर साधा निशाना
सीनेटर स्कॉट ने कहा कि यदि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार की मध्यस्थता की भूमिका निभाना चाहता है, तो उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "इस्लामाबाद यह अच्छी तरह समझ ले कि दुनिया उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है।" रिक स्कॉट ने पाकिस्तान के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि यह वही देश है, जहां अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन लंबे समय तक छिपा रहा। उन्होंने पाकिस्तान में ईशनिंदा कानूनों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्थिति का भी उल्लेख किया। सीनेटर ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी संभावित मध्यस्थ की भूमिका के लिए पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल हैं। ईरान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहबाज शरीफ ने दिवंगत ईरानी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि ईरान और पाकिस्तान के संबंध ऐतिहासिक रहे हैं और दोनों देश हर परिस्थिति में एक-दूसरे के साथ खड़े रहेंगे। इसी बयान का वीडियो साझा करते हुए रिक स्कॉट ने पाकिस्तान की आलोचना की और कहा कि ऐसे वक्त में इस प्रकार के बयान उसकी निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े करते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच पाकिस्तान की संभावित भूमिका को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, अमेरिकी सांसद के ताजा बयान के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से अमेरिकी सांसद की टिप्पणी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हालिया ईरान दौरे और वहां दिए गए बयान को लेकर अमेरिका में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर रिक स्कॉट ने पाकिस्तान की विदेश नीति और उसकी कथित मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की है।
पाकिस्तान के अतीत का भी किया जिक्र
शहबाज शरीफ के बयान पर विवाद
मध्यस्थता की भूमिका पर बहस















