जामताड़ा: सरकारी रिकॉर्ड की एक बड़ी लापरवाही ने जामताड़ा जिले की एक बुजुर्ग महिला का जीवन संकट में डाल दिया। नारायणपुर प्रखंड के रामपुर गांव निवासी चूड़ा देवी को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गलती के कारण पिछले दो वर्षों से उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद है, जिससे उनका और उनके पति का गुजारा मुश्किल हो गया है।

मंगलवार को आयोजित उपायुक्त (डीसी) के जनता दरबार में यह मामला सामने आया। चूड़ा देवी के पति गुलाब सिंह ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उनकी पत्नी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया है, जिसके चलते उन्हें मिलने वाली पेंशन बंद हो गई।

पेंशन ही था दंपति का सहारा

गुलाब सिंह ने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है और वृद्धावस्था पेंशन ही दोनों के जीवनयापन का मुख्य साधन थी। पेंशन बंद होने के बाद आर्थिक तंगी लगातार बढ़ती गई और कई बार संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

जनता दरबार में डीसी ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने बुजुर्ग दंपति को आश्वस्त किया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर एक महीने के भीतर उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

डीसी ने कहा कि केंद्र सरकार से राशि जारी होते ही नियमित रूप से पेंशन का भुगतान लाभार्थी के खाते में भेजा जाएगा।

सरकारी व्यवस्था पर उठे सवाल

यह मामला सरकारी रिकॉर्ड में त्रुटियों और उनके कारण आम लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को होने वाली परेशानियों की एक गंभीर मिसाल बनकर सामने आया है। एक मामूली प्रशासनिक गलती ने दो वर्षों तक एक जरूरतमंद बुजुर्ग दंपति को उनके अधिकार से वंचित रखा।