उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक संकट के बीच देशवासियों से कोविड 19 महामारी की तरह एकजुट होकर हालात का सामना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर ईंधन  खाद्य सामग्री और उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है  इसलिए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  की ईंधन बचत संबंधी अपील का समर्थन करते हुए कार पूलिंग  मेट्रो  इलेक्ट्रिक व्हीकल  शटल बस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में एलपीजी पर निर्भरता कम की जा सकती है। सीएम योगी ने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और संकट के समय हर नागरिक को राष्ट्र के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से समझना चाहिए और अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था  इंफ्रास्ट्रक्चर  निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूपी अब बीमारू राज्य नहीं बल्कि देश की विकास यात्रा का इंजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे  एयरपोर्ट  रैपिड रेल एमएसएमई यूनिट्स और पर्यटन के क्षेत्र में रिकॉर्ड विकास हुआ है। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा  युवाओं को रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।