शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के मुताबिक 30 जून से 7 अगस्त 2026 तक मानसून जनित घटनाओं में 150 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 226 लोग घायल हुए हैं। वहीं दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
मानसून की मार से हिमाचल प्रदेश को अब तक 834 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है। कांगड़ा, चंबा, शिमला और मंडी समेत कई जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
मकान और पशुधन को भी भारी नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार प्राकृतिक आपदाओं में 197 पशुओं की मौत हुई है। वहीं 22 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि 41 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का असर कृषि और बागवानी क्षेत्र पर भी पड़ा है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
भूस्खलन और सड़क हादसे बने बड़ी वजह
मानसून के दौरान हिमाचल में कई लोगों की जान भूस्खलन, चट्टान और पेड़ गिरने, डूबने तथा अन्य प्राकृतिक घटनाओं में गई है। इसके अलावा सड़क हादसे भी मौतों की बड़ी वजह बने हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक प्री-मानसून अवधि में भी प्रदेश में 65 लोगों की मौत हुई थी। वहीं सड़क दुर्घटनाओं में अलग से 78 लोगों की जान जाने की जानकारी दी गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना भी जोखिम भरा बना हुआ है।
190 सड़कें बंद, मंडी में सबसे ज्यादा असर
राज्य आपदा प्रबंधन की 8 अगस्त दोपहर 1 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 190 सड़कें अभी भी बंद हैं।
सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में है, जहां 91 सड़कें बाधित हैं। इसके बाद कुल्लू में 42 सड़कें बंद हैं। सड़क संपर्क प्रभावित होने से कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में लोगों की आवाजाही मुश्किल हुई है।
सड़कों को बहाल करने के लिए प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
बिजली और पेयजल योजनाएं भी प्रभावित
भारी बारिश और भूस्खलन का असर बिजली और पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। राज्य में 59 बिजली ट्रांसफार्मर (DTR) बंद बताए गए हैं। इनमें अकेले कुल्लू जिले में 53 ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं।
इसके अलावा 77 पेयजल योजनाएं भी बाधित हुई हैं। इनमें सिरमौर जिले की 55 योजनाएं शामिल हैं।
प्रशासन ने जारी की सावधानी बरतने की अपील
मानसून के सक्रिय रहने के बीच प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचने की अपील की है। लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों से दूरी बनाए रखने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के मुताबिक राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।














