पाकुड़: अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्र में खाद की बिक्री में अनियमितता को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। शनिवार को बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर खाद बेचने, वितरण पंजी अपडेट नहीं रखने और कई दुकानों में स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।

तय कीमत से अधिक वसूली का आरोप

बीडीओ ने खाद दुकानों में उपलब्ध स्टॉक, बिक्री और वितरण व्यवस्था की जांच की। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की बात सामने आई।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों से निर्धारित दर से अधिक राशि लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दुकानों में नहीं मिला अपडेट वितरण पंजी

जांच के दौरान खाद वितरण से संबंधित पंजी भी नियमित रूप से अपडेट नहीं पाया गया। कई दुकानों में खाद के स्टॉक का रिकॉर्ड रखने के लिए स्टॉक रजिस्टर तक उपलब्ध नहीं था।

बीडीओ ने दुकानदारों को वितरण पंजी नियमित रूप से अपडेट करने और स्टॉक रजिस्टर का सही तरीके से संधारण करने का निर्देश दिया।

बोर्ड पर खाद का प्रकार और कीमत भी नहीं

निरीक्षण में एक और बड़ी कमी सामने आई। बीडीओ के मुताबिक, प्रत्येक खाद दुकान के बाहर लगे बोर्ड पर उपलब्ध खाद/उर्वरक के प्रकार और उसकी निर्धारित दर स्पष्ट रूप से अंकित करना अनिवार्य है।

लेकिन निरीक्षण के दौरान किसी भी दुकान के बोर्ड पर खाद के प्रकार या निर्धारित कीमत की जानकारी अंकित नहीं मिली। इससे किसानों को खाद की वास्तविक कीमत जानने में परेशानी हो रही थी।

बीडीओ ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने सभी दुकानदारों को तत्काल व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खाद की बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है और किसानों को निर्धारित कीमत पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने, नियमों का उल्लंघन करने या खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद खाद विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है। वहीं किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन की सख्ती से खाद की बिक्री में पारदर्शिता आएगी और उन्हें निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा।