नई दिल्ली: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर अब एनडीए के सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। जेडीयू नेता और बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह वांगचुक की मांगों को गंभीरता से सुने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करे।
JDU नेता बोले- सरकार प्रतिनिधिमंडल भेजकर करे बातचीत
बातचीत में भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अनशन पर बैठा है तो सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का कोई प्रतिनिधिमंडल जाकर उनसे बातचीत करे, इसमें कोई दिक्कत नहीं है।
उन्होंने कहा, "समाधान निकले या न निकले, लेकिन जब वह अनशन पर हैं तो सरकार को उनकी बात जरूर सुननी चाहिए। अगर हम दिल्ली में होते तो उनसे मिलने जरूर जाते।"
LJP (रामविलास) ने भी दी प्रतिक्रिया
एनडीए में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रवक्ता डॉ. विनीत सिंह ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार निश्चित रूप से सोनम वांगचुक की मांगों पर विचार कर रही होगी और उचित समय पर इस पर निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि उन्होंने वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार से बातचीत के अन्य रास्ते भी मौजूद हैं और आमरण अनशन अंतिम विकल्प नहीं होना चाहिए।
क्या बोले विनीत सिंह?
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है। यदि मांगें व्यावहारिक और संभव होंगी तो उन पर विचार किया जाएगा। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकल जाएगा।















