नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के सभी पुलिस थानों में महिला पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को आदेश दिया है कि सभी पुलिस स्टेशनों का सर्वे कर यह रिपोर्ट तैयार की जाए कि किन-किन थानों में महिलाओं के लिए अलग वॉशरूम और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें उपलब्ध हैं।

यह निर्देश जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन की ओर से दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने दिया।

महिला पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर चिंता

याचिका में कहा गया कि बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी 12-12 घंटे की ड्यूटी करती हैं और कई बार रात में भी गश्त पर रहती हैं। इसके बावजूद कई पुलिस थानों में माहवारी (पीरियड्स) के दौरान आवश्यक स्वच्छता सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में महिला कर्मियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

6 सप्ताह में सर्वे रिपोर्ट

हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को छह सप्ताह के भीतर सभी थानों का सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया है। सर्वे के आधार पर जिन पुलिस स्टेशनों में सुविधाओं की कमी पाई जाएगी, वहां महिलाओं के लिए अलग वॉशरूम और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से यह भी कहा है कि अब तक उठाए गए कदमों और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत हलफनामा अदालत में दाखिल किया जाए।

RTI में सामने आई थी कमी

याचिका में वर्ष 2024-25 में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया कि नई दिल्ली जिले के कुछ थानों को छोड़कर अधिकांश पुलिस स्टेशनों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें उपलब्ध नहीं हैं।

अगली सुनवाई 23 सितंबर को

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को निर्धारित की है। तब तक दिल्ली पुलिस को सर्वे रिपोर्ट और आवश्यक कार्रवाई का विवरण अदालत में प्रस्तुत करना होगा।