हजारीबाग: मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पौता गांव में दो युवतियों और एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। घटना के कई महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। गुरुवार को परिजनों ने कांग्रेस नेता अकेला यादव से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और न्याय दिलाने की अपील की।
"मामले में बहुत कुछ छिपाया जा रहा है" : अकेला यादव
पीड़ित परिवार की बातें सुनने के बाद कांग्रेस नेता अकेला यादव ने घटना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जो संदेह पैदा करते हैं।
उन्होंने कहा, "कहीं न कहीं इस पूरे मामले में बहुत कुछ छिपाया जा रहा है। जो तस्वीर सामने दिखाई जा रही है, वह कई तरह की शंकाओं को जन्म देती है। परिजनों की बातों से लगता है कि युवतियों के साथ कुछ गलत हुआ हो सकता है। मैं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात करूंगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से सदन तक आंदोलन भी किया जाएगा।"
पुलिस पर गंभीर आरोप, उपायुक्त को सौंपा आवेदन
पीड़ित परिवार के सदस्य वासीद अली ने उपायुक्त को आवेदन देकर मुफ्फसिल थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि बच्चों के लापता होने के बाद जब परिवार थाना पहुंचा तो मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे कथित तौर पर "प्रेम प्रसंग" बताकर टाल दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि थाना में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों, चालक और एक पत्रकार ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। साथ ही बच्चों की तलाश के नाम पर पैसे मांगने और अलग-अलग जगहों पर भटकाने का भी आरोप लगाया गया है।
मोबाइल लोकेशन और शव मिलने को लेकर उठाए सवाल
परिवार का कहना है कि उन्हें बताया गया था कि बच्चे अजमेर जाने वाली ट्रेन से निकल चुके हैं और मोबाइल की टावर लोकेशन भी वहीं की बताई गई। लेकिन बाद में तीनों के शव दंदाहा नदी से बरामद हुए।
परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि मोबाइल घटना स्थल के पास मिला था तो फिर उसकी लोकेशन दूसरे क्षेत्र की कैसे बताई गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
"शव मिलने की सूचना तक नहीं दी गई"
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि शव मिलने के बाद भी पुलिस ने परिवार को सूचना नहीं दी। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर ही परिजन मौके पर पहुंचे और शवों की पहचान की।
परिवार का दावा है कि उनके पास कुछ फोटो और वीडियो भी हैं, जिनसे मामले में अन्य लोगों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है। उनका कहना है कि इन सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने उपायुक्त से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, पुलिस की कथित लापरवाही और दुर्व्यवहार की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में कांग्रेस नेता अकेला यादव के समर्थन के बाद पौता ट्रिपल डेथ मिस्ट्री एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब जिला प्रशासन और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।














