पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी  ने बड़ा सांस्कृतिक और राजनीतिक फैसला लेते हुए राज्य के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम् गाना अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि यह आदेश 18 मई से लागू होगा और इस संबंध में औपचारिक नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार निजी स्कूलों से भी अपील करेगी कि वे अपने संस्थानों में वंदे मातरम् को प्रार्थना सभा का हिस्सा बनाएं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि हर दिन कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। स्कूलों को इसके पालन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। अब तक राज्य के अधिकांश स्कूलों में केवल राष्ट्रगान जन गण मन और राज्य गीत बांग्लार माटी बांग्लार जल  गाया जाता था  लेकिन अब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भी स्थायी रूप से शामिल होगा। हालांकि इस फैसले के बाद कुछ शिक्षक संगठनों और स्कूल प्रशासन ने व्यावहारिक सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीमित समय वाली स्कूल असेंबली में राष्ट्रगान  राज्य गीत और राष्ट्रीय गीत तीनों को किस क्रम में गाया जाएगा  इस पर सरकार को और स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करने चाहिए। वहीं बीजेपी समर्थकों ने इस फैसले को राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से जोड़कर ऐतिहासिक कदम बताया है।