नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गईं, वाहन बह गए और प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने पड़े।

सूरत में 12 घंटे में 16 इंच बारिश, शहर पानी-पानी

गुजरात के सूरत में मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक करीब 16 इंच बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। पोदार मार्केट का बेसमेंट पूरी तरह पानी में डूब गया, जिससे मोबाइल दुकानों में रखा लाखों रुपये का सामान खराब हो गया।

शहर की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और तेज बहाव में कई कारें बहती नजर आईं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटा

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ऊपरी इलाकों में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने के कारण कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है।

मलबे में कई वाहन दब गए हैं और सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य करने में जुटे हैं।

मुंबई में 48 घंटे में 15 इंच बारिश, स्कूल-कॉलेज बंद

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पिछले 48 घंटों के दौरान करीब 15 इंच (380 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए मुंबई और नासिक के सभी सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

भारी बारिश के कारण धार्मिक स्थलों पर भी असर पड़ा है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर और महाराष्ट्र के प्रमुख शक्तिपीठों में शामिल सप्तश्रृंगी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए एक दिन के लिए बंद रखा गया है।

मध्य प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में भारी बारिश

मध्य प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पिछले 24 घंटों में राज्य के 35 से अधिक जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश खजुराहो में रिकॉर्ड की गई।

बमीठा क्षेत्र में नेशनल हाईवे-39 पर करीब तीन फीट तक पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं बालाघाट में बाघ नदी के उफान पर आने से पुल निर्माण में लगी कार, जेसीबी और लोडर तेज बहाव में बह गए।

प्रशासन अलर्ट पर

लगातार हो रही बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।