नई दिल्ली : दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच यमुना नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी ने प्रशासन और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, फिलहाल यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

205.33 मीटर है खतरे का निशान

दिल्ली में यमुना नदी का खतरे का निशान 205.33 मीटर निर्धारित है, जबकि 204.50 मीटर चेतावनी स्तर माना जाता है। जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने पर प्रशासन निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करता है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू की जाती है।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन बारिश का दौर जारी रहने के कारण जलस्तर में आगे और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बारिश से बढ़ सकती है परेशानी

मौसम में बदलाव और लगातार बारिश के कारण यमुना में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है। प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। खासतौर पर यमुना के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

पिछले साल भी दिल्ली में भारी बारिश और यमुना के बढ़े जलस्तर के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। ऐसे में इस बार भी प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता।

इन इलाकों में रहता है ज्यादा खतरा

यमुना का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में यमुना बाजार, निगमबोध घाट और मजनू का टीला के निचले हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा सोनिया विहार, चांदनी चौक, लाल किला, उस्मानपुर, जगतपुर और गढ़ी मांडू की निचली बस्तियों में भी बाढ़ का खतरा बना रहता है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

फिलहाल दिल्ली में स्थिति चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंची है, लेकिन लगातार बारिश के बीच यमुना के बढ़ते जलस्तर को चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन की निगरानी जारी है और आने वाले घंटों में जलस्तर तथा मौसम की स्थिति के आधार पर आगे के कदम उठाए जा सकते हैं।