UPSC ने CSE 2026 को लेकर किया बड़ा बदलाव
Union Public Service Commission ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। आयोग ने घोषणा की है कि अब से UPSC Civil Services Preliminary
Examination के तुरंत बाद
प्रोविजनल आंसर की जारी की जाएगी। यह फैसला लंबे समय
से अभ्यर्थियों की मांग पर लिया गया है। UPSC चेयरमैन अजय कुमार ने कहा कि इस नई व्यवस्था से परीक्षा प्रक्रिया में
पारदर्शिता बढ़ेगी और उम्मीदवारों को समय रहते अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका
मिलेगा। आयोग के मुताबिक उम्मीदवार 31 मई शाम 6 बजे तक आधिकारिक
पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को UPSC की वेबसाइट पर उपलब्ध Online Question Paper Representation Portal QPRep का उपयोग करना होगा। अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि किसी प्रश्न का उत्तर गलत
दिया गया है तो वह उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकता
है। इसके लिए छात्रों को तीन प्रमाणिक स्रोत Authentic Sources या सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। UPSC ने साफ किया है कि सभी आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी।
आयोग का कहना है कि हर आपत्ति पर गहराई से विचार करने के बाद ही अंतिम आंसर की जारी की जाएगी। इस नए नियम से उम्मीदवारों को कई फायदे मिलेंगे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी गलत उत्तरों को चुनौती देने का मौका मिलेगा रिजल्ट को लेकर भ्रम कम होगा अभ्यर्थियों को समय पर जानकारी मिल सकेगी परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा यह फैसला UPSC की परीक्षा
प्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है और लाखों अभ्यर्थियों के लिए
राहत भरी खबर मानी जा रही है।















