रांची: झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बना लो-प्रेशर एरिया अब गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश जिलों में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

लो-प्रेशर का असर, कई जिलों में होगी अच्छी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों से आगे बढ़ा लो-प्रेशर अब गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड के उत्तरी हिस्सों में सक्रिय है। इसके कारण वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है, जिससे राज्यभर में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान लातेहार में सबसे अधिक 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं बोकारो थर्मल में अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

23 जुलाई तक कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 17 जुलाई से 23 जुलाई तक झारखंड के अधिकांश जिलों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

अगले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 18 जुलाई से अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।

रांची में भी बारिश का दौर रहेगा जारी

राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 17 से 23 जुलाई के बीच रांची में आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इस दौरान रांची का अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग की सलाह

  • तेज बारिश और वज्रपात के दौरान घर के अंदर सुरक्षित रहें।
  • बिजली चमकने के समय खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
  • अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें।
  • किसान मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं।