हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड स्थित ऐतिहासिक और प्राचीन ठाकुरबाड़ी की कीमती भूमि पर कुछ भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने के दुस्साहस का एक बेहद संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। इस अतिक्रमण के प्रयास से पूरे इचाक क्षेत्र सहित पूरे हजारीबाग के श्रद्धालुओं  ग्रामीणों और सनातन धर्मावलंबियों में गहरा असंतोष और तीखा आक्रोश व्याप्त है।

 इस गंभीर संकट को देखते हुए ठाकुरबाड़ी के महंत विजयानंद दास जी आज खुद गोपाल ठाकुर जी (भगवान की प्रतिमा) को अपने साथ लेकर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के जनसेवा कार्यालय पहुंचे। कोर्ट और प्रशासन के चक्कर काटने के बाद जब मंदिर की सुरक्षा का कोई ठोस उपाय नहीं दिखा  तो महंत जी का ठाकुर जी को गोद में लेकर विधायक कार्यालय पहुंचना पूरे क्षेत्र में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं  लाखों लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र: महंत विजयानंद दास

विधायक जनसेवा कार्यालय में अपनी व्यथा और पीड़ा साझा करते हुए महंत विजय दास जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इचाक की यह ठाकुरबाड़ी सदियों पुरानी है और इससे लाखों भक्तों की अटूट धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत जुड़ी हुई है। कुछ रसूखदार और असामाजिक तत्व इस पवित्र स्थल की भूमि को हड़पने की फिराक में हैं  जिससे मंदिर की गरिमा और अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। महंत जी और उनके साथ आए श्रद्धालुओं की इस मार्मिक और भावुक कर देने वाली दास्तान को सुनकर खुद विधायक भी अपने आंसू नहीं रोक पाए और माहौल बेहद भावुक हो गया।

 विधायक ने इस मौके पर कहा कि किसी भी आस्था के केंद्र या धार्मिक स्थल की जमीन पर अवैध नजर डालना न केवल कानून का खुला उल्लंघन है  बल्कि यह पूरे समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला घिनौना कृत्य है।

प्रशासन से होगी सीधी वार्ता  अवैध कब्जे की हर साजिश को किया जाएगा नाकाम: विधायक प्रदीप प्रसाद

मौके पर मौजूद पीड़ित महंत और आक्रोशित श्रद्धालुओं को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए विधायक ने कहा कि ठाकुरबाड़ी की भूमि की रक्षा और आम जनता की आस्था का सम्मान करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों  अंचल अधिकारी और पुलिस प्रशासन से अविलंब उच्च स्तरीय वार्ता की जाएगी। जमीन के कागजातों की बारीकी से जांच कराते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

विधायक ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले का बेहद शीघ्र  निष्पक्ष और न्यायोचित समाधान निकाला जाएगा ताकि सनातन संस्कृति की इस धरोहर पर कोई आंच न आए।  संध्या न्यूज़  भी प्रशासन से इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप की मांग करता है।

उपायुक्त और एसपी से सिर्फ मिला आश्वासन  थक-हारकर विधायक की चौखट पर पहुंचे महंत

इस पूरे मामले का एक सबसे बड़ा और विचारणीय पहलू यह है कि ठाकुरबाड़ी की रक्षा के लिए महंत विजयानंद दास जी ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। विधायक कार्यालय आने से पूर्व वह भगवान गोपाल ठाकुर जी को साथ लेकर हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कार्यालय भी जा चुके थे।

 वहां उन्होंने दोनों शीर्ष अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर मंदिर की जमीन को बचाने की भावुक अपील की थी। उच्च स्तर से त्वरित कार्रवाई का पूरा आश्वासन मिलने के बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और भू-माफियाओं के हौसले बुलंद रहे। इसी प्रशासनिक उदासीनता और टालमटोल के रवैये से थक-हारकर अंततः महंत जी को आज विधायक की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने के लिए विवश होना पड़ा।