हजारीबाग: हजारीबाग के हुरहुरु स्थित डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने पिछले कुछ दिनों से डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्कूल की जमीन को लेकर प्रसारित हो रही खबरों पर अपना पक्ष रखा है। स्कूल प्रबंधन ने इन दावों को निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा है कि इस तरह की खबरों के जरिए विद्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्कूल प्रबंधन का दावा है कि डीपीएस स्कूल का निर्माण किसी तालाब की जमीन पर नहीं, बल्कि पूरी तरह रैयती भूमि पर किया गया है। प्रबंधन के मुताबिक, विद्यालय का मुख्य भवन रैयती जमीन पर स्थित है, जबकि स्कूल का कार्यालय और वाहन पार्किंग अलग से किराये पर ली गई भूमि पर संचालित किए जा रहे हैं।

प्रबंधन ने अपने पक्ष में कहा कि संबंधित भूमि जमीन मालिक को विधिवत बंदोबस्ती प्रक्रिया के तहत प्राप्त हुई थी। भूमि से संबंधित अभिलेख राज्य के राजस्व विभाग में जमीन मालिक के पूर्वजों के नाम से दर्ज होने का दावा भी किया गया है। इसके साथ ही प्रबंधन का कहना है कि संबंधित जमीन की नियमित जमाबंदी कायम है और लगान का भुगतान भी किया जा रहा है।

डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित की जा रही सूचनाओं को तथ्यों से परे बताते हुए आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और आधिकारिक एवं सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचें।

स्कूल प्रबंधन ने यह भी कहा है कि यदि विद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कथित भ्रामक सूचनाओं का प्रसार जारी रहता है, तो आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।

फिलहाल स्कूल प्रबंधन ने जमीन से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। जमीन से संबंधित दावों की वास्तविक स्थिति आधिकारिक राजस्व अभिलेखों और सक्षम प्रशासनिक जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।