धनबाद: ECCL मुगमा महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर पनभरा समाज का आंदोलन तेज हो गया है। यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले पनभरा समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि पिछले करीब आठ महीने से उनकी मांगों को लेकर संघर्ष जारी है।
आंदोलनकारियों ने ECCL प्रबंधन पर उनके हितों और जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर बातचीत के जरिए उनकी मांगों का समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
GM कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे मजदूर
मुगमा एरिया जीएम कार्यालय के बाहर पनभरा मजदूर बैनर-पोस्टर लेकर धरने पर बैठे हैं और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे किसी पर एहसान नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं।
यूनियन नेता बंपी चक्रवर्ती ने कहा कि पनभरा समाज अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने प्रबंधन से मनमानी बंद करने और मजदूरों को उनका उचित अधिकार देने की मांग की।
उनका आरोप है कि मजदूरों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मांगें नहीं मानी तो तालाबंदी की चेतावनी
यूनियन नेता बंपी चक्रवर्ती और सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय ने प्रबंधन को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
गोपाल राय ने कहा कि पहले प्रबंधन के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। अगर वार्ता विफल रही और मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। उन्होंने जरूरत पड़ने पर GM कार्यालय में तालाबंदी करने की भी चेतावनी दी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन या प्रबंधन की ओर से किसी तरह की कार्रवाई की जाती है, तब भी वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
‘हक चाहिए, न्याय चाहिए’
आंदोलनकारियों का सवाल है कि जो लोग वर्षों से पानी पिलाने और मजदूरों से जुड़े काम करते रहे हैं, जब वही अपने अधिकारों की बात करते हैं तो उनकी आवाज क्यों दबाई जाती है?
फिलहाल मुगमा जीएम कार्यालय के बाहर आमरण अनशन जारी है और आंदोलनकारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अब देखना होगा कि ECCL प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे चलकर तालाबंदी का रूप लेता है।















