धनबाद: अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को संयुक्त मोर्चा के बैनर तले ECCL महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान श्रमिक नेताओं और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार एवं कोल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की।
धरने को संबोधित करते हुए झारखंड मजदूर कोलियरी यूनियन के अध्यक्ष सह झामुमो धनबाद जिलाध्यक्ष लखी सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार कोयला मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से ले और उनकी जायज मांगों का जल्द समाधान करे। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकार और रोजगार से जुड़े मुद्दों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्त मोर्चा की चार प्रमुख मांगें
धरना-प्रदर्शन के दौरान संयुक्त मोर्चा ने चार प्रमुख मांगें रखीं—
इसके अलावा नेताओं ने कर्मचारियों के कथित शोषण और उत्पीड़न को तत्काल बंद करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नियमों के अनुसार होना चाहिए और किसी भी कर्मचारी के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
बीसीकेयू और बीएमएस की गैरमौजूदगी बनी चर्चा का विषय
धरना-प्रदर्शन में बीसीकेयू और बीएमएस के शामिल नहीं होने से श्रमिक संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई। संयुक्त मोर्चा के मंच पर दोनों प्रमुख संगठनों की अनुपस्थिति को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दोनों संगठनों की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने के अंत में संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार और ECCL प्रबंधन ने उनकी चार सूत्री मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
श्रमिक नेताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकार, रोजगार और खदानों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।















