जमशेदपुर: ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन (AIMSS) की ओर से बुधवार को अखिल भारतीय विरोध दिवस के तहत साकची गोलचक्कर में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिक्षाविद एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक आंदोलनों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

सभा को संबोधित करते हुए AIMSS की प्रदेश सचिव सोनोका महतो ने कहा कि देश में NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित पेपर लीक मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है।

उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर गैर-लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन स्थल से हटाया गया। साथ ही, 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी उन्होंने निंदा की।

छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से एकजुट होने की अपील

सोनोका महतो ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

कार्यक्रम का संचालन पूर्वी सिंहभूम जिला सचिव शीला रॉय ने किया।

इस अवसर पर AIMSS की प्रदेश अध्यक्ष पानमोनी सिंह मुंडा, प्रदेश सचिव सोनोका महतो, अंजना भारती, जानो महतो, केशवती नायक, पंचामी लोहार, संगीता शर्मा, रूबी सिंह, जैस्मीन, शिवानी देवगम सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।