श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग शहर के लाल चौक इलाके में मंगलवार को हुए संदिग्ध आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें जीएमसी अनंतनाग ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे जवान

शहीद पुलिसकर्मी की पहचान IRP (इंडिया रिजर्व पुलिस) 3rd बटालियन के आशिक हुसैन के रूप में हुई है। वह जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह क्षेत्र के निवासी थे और अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिस टीम का हिस्सा थे।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और आतंकियों की तलाश में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अनंतनाग और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। संगठन ने दावा किया कि पुलिसकर्मी पर कई गोलियां चलाई गईं। सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की जांच कर रही हैं और हमले में शामिल आतंकियों के साथ-साथ उनके सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हैं।

क्या है TRF?

द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का प्रॉक्सी संगठन मानती हैं। यह संगठन वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे में बदलाव के बाद सामने आया था। भारत सरकार ने जनवरी 2023 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत TRF को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया था। सरकार के अनुसार, यह संगठन आतंकवादी गतिविधियों, भर्ती, घुसपैठ और हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं और हमले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है।