पटना, 22 जुलाई 2026: बिहार की राजधानी पटना में NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन बुधवार को उग्र हो गया। गांधी मैदान से शुरू हुआ विरोध मार्च डाकबंगला चौराहा, कोतवाली थाना और राजभवन रोड होते हुए मुख्यमंत्री आवास और भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ने लगा। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्र आगे बढ़ने पर अड़े रहे।

CM आवास के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। छह थानों की पुलिस, अतिरिक्त सुरक्षा बल और दंगा नियंत्रण टीमों को मौके पर तैनात किया गया। पूरे घटनाक्रम की निगरानी के लिए आईजी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे।

बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश, पुलिस से हुई नोकझोंक

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई जगह पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल

राजभवन रोड पर स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। झड़प के दौरान कई छात्र घायल हो गए। पत्थरबाजी और धक्का-मुक्की में कुछ पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों को भी चोटें आई हैं।

छात्र संगठनों का मिला समर्थन

इस आंदोलन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) समेत कई वामपंथी छात्र संगठनों ने भाग लिया। पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

  • NEET-UG पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच।
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार।
  • छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच।

शहर में यातायात प्रभावित

प्रदर्शन के कारण डाकबंगला चौराहा, राजभवन रोड, कोतवाली थाना, बेली रोड और आसपास के कई इलाकों में लंबे समय तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की।

फिलहाल स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है, जबकि छात्र संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।