CM आवास की ओर बढ़े सपा-कांग्रेस कार्यकर्ता, लखनऊ में भारी हंगामा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में
मंगलवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास
की ओर मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस
कार्यालय से हाथों में लाठियां लेकर निकले और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की
कोशिश की। हालांकि, पुलिस
ने पहले से ही कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रखे थे और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाकर
प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने
मुख्यमंत्री आवास जाने वाले तीन प्रमुख मार्गों पर चार लेयर की बैरिकेडिंग की थी।
भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग
पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच
धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब कांग्रेस
नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली में
प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया था। इसके बाद भाजपा ने लखनऊ स्थित
कांग्रेस कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। इसी के जवाब में उत्तर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में बैठक कर मुख्यमंत्री आवास
के घेराव की रणनीति बनाई गई। इसके बाद कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ता संयुक्त रूप
से प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने
छात्रों के अधिकार, शिक्षा
व्यवस्था और संविधान की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस नेता अहमद
रजा पोस्टर
लेकर प्रदर्शन में पहुंचे। पोस्टर पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ लिखा था— "आओ, स्वागत है... छात्रों के अधिकारों पर
बात करेंगे।" अहमद रजा ने कहा कि यदि भाजपा कांग्रेस
मुख्यालय पर प्रदर्शन करने आती है तो पार्टी कार्यकर्ता छात्रों के अधिकार,
शिक्षा व्यवस्था और संविधान से जुड़े
मुद्दों पर जवाब देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवाद करने के बजाय विपक्ष
की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और सपा
कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन
छात्रों के अधिकारों, लोकतांत्रिक
मूल्यों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है। स्थिति को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय
से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। फिलहाल
स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।तीन प्रमुख मार्गों पर चार-स्तरीय
सुरक्षा व्यवस्था
भाजपा के विरोध के जवाब में
कांग्रेस-सपा का प्रदर्शन
छात्रों के अधिकार और संविधान का मुद्दा
उठाया
भाजपा के खिलाफ हुई नारेबाजी
शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई














