गिरिडीह मान्या को DC से मिली नई उम्मीद
गिरिडीह जिले की
पाण्डेयडीह निवासी मान्या रजक को उपायुक्त रामनिवास यादव की संवेदनशील पहल से नई
उम्मीद मिली है। जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हो रही
थी लेकिन
अब प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद उसकी उच्च शिक्षा का रास्ता खुलता नजर आ रहा है।मान्या
की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। बचपन में ही उसने अपनी मां को कैंसर के कारण खो
दिया। पिता बाहर रहकर काम करते हैं और परिवार की जिम्मेदारियों से दूर हैं। ऐसे
में उसकी परवरिश उसके दादा प्रेम चाँद रजक ने की जो एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।सीमित
पेंशन के बावजूद उन्होंने अपनी पोती की पढ़ाई कभी नहीं रुकने दी।मान्या आगे पढ़कर
अपने परिवार और जिले का नाम रोशन करना चाहती है लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के
कारण उसकी शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी।कई बार विभागीय कार्यालयों के
चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही थी।आखिरकार मान्या अपनी समस्या लेकर
उपायुक्त कार्यालय पहुंची। उसकी संघर्ष भरी कहानी सुनने के बाद उपायुक्त रामनिवास
यादव ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करने का
निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि मान्या का जाति प्रमाण पत्र जल्द से जल्द बनाया जाए
ताकि उसकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।उपायुक्त की इस पहल के बाद मान्या और उसके
परिवार में नई उम्मीद जगी है। अब उसे विश्वास है कि वह अपनी शिक्षा जारी रखकर अपने
सपनों को पूरा कर सकेगी।














