देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. जून महीने से देश की दो सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो और एयर इंडिया रोजाना करीब 250 घरेलू उड़ानें रद्द करने जा रही हैं. सबसे ज्यादा असर दिल्ली  मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े एयर रूट्स पर देखने को मिल सकता है.

बताया जा रहा है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल ATF  यानी जेट फ्यूल की रिकॉर्ड बढ़ती कीमतों और यात्रियों की घटती मांग के कारण एयरलाइंस कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव बना हुआ है. इसी वजह से कंपनियों ने जून से अगस्त तक उड़ानों में कटौती करने का फैसला लिया है.

जेट फ्यूल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. इसका असर भारत में जेट फ्यूल की कीमतों पर भी पड़ा है. कई शहरों में ATF की कीमतें 80 हजार रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर 1 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं.

एयरलाइंस कंपनियों के मुताबिक घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन खर्च करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ गया है जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह लागत लगभग दोगुनी हो चुकी है.

एयर इंडिया और इंडिगो कितनी उड़ानें करेंगी कम?

एयर इंडिया जून और जुलाई के दौरान अपनी घरेलू उड़ानों में लगभग 22 प्रतिशत की कटौती करेगी. एयर इंडिया फिलहाल रोजाना करीब 500 घरेलू उड़ानें संचालित करती है. ऐसे में हर दिन लगभग 110 उड़ानें कम की जाएंगी.

वहीं इंडिगो भी अपनी घरेलू उड़ानों में 5 से 7 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में करीब 17 प्रतिशत तक कटौती करने की तैयारी में है. दोनों एयरलाइंस को मिलाकर जून से अगस्त के बीच प्रतिदिन करीब 250 उड़ानें रद्द रहने की संभावना है.

अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हुई तो क्या होगा?

एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को राहत देते हुए कहा है कि फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को फ्री डेट चेंज  वैकल्पिक रूट या फुल रिफंड का विकल्प दिया जाएगा.

किन रूट्स पर सबसे ज्यादा असर?

सूत्रों के अनुसार दिल्ली  मुंबई  बेंगलुरु  हैदराबाद  पुणे और चेन्नई जैसे हाई-ट्रैफिक रूट्स पर उड़ानों में कटौती का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें.